Friday, 10 November 2023
धनतेरस से शुरू कर दिपावली तक अपनी राशि अनुसार करे लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने का उपाय*
धनतेरस पर वास्तु के 10 टिप्स, जानिए किस द्वार पर दीपक में* *क्या डालें*
Wednesday, 8 November 2023
लगन के अनुसार भाग्य उदय
कुंडली में 12 भाव होते हैं। इन भावों के नाम 12 राशियों के नाम पर ही हैं। ये 12 राशियां हैं मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला , वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन। कुंडली का प्रथम यानी पहला भाव जिस राशि का होता है उसी राशि के अनुसार कुंडली का लग्न निर्धारित होता है। लग्न के आधार पर कुंडलियां भी बारह प्रकार की होती हैं। इस आधार पर मेष लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय सामान्यत: 16, 22, 28, 32 और 36 वर्ष की आयु में, वृष लग्न की कुंडली का भाग्योदय 25, 28, 36 और 42 वर्ष की आयु में, मिथुन लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 22, 32, 35, 36, 42 वर्ष की आयु में, कर्क लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 16, 22, 24, 25, 28 या 32 वर्ष की आयु में और सिंह लग्न की कुंडली का भाग्योदय 16, 22, 24, 26, 28 या 32 वर्ष की आयु में हो सकता है। जबकि कन्या लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 16, 22, 25, 32, 33, 34 एवं 36 आयु वर्ष में और जिनकी कुंडली तुला लग्न की है, उनका भाग्योदय 24, 25, 32, 33, 35 वर्ष की आयु में हो सकता है।
वृश्चिक लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 22, 24, 28 और 32 वर्ष की आयु में तो धनु लग्न की कुंडली का भाग्योदय 16, 22 या 32 वर्ष की आयु में हो सकता है। इसी तरह मकर लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 25, 33, 35 या 36 वर्ष की आयु में, कुंभ लग्न की कुंडली का भाग्योदय 25, 28, 36 या 42 वर्ष की आयु में और मीन लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 16, 22, 28 या 33 वर्ष की आयु में हो सकता है।
Tuesday, 24 October 2023
कार्तिक मास में दीपदान से करें ग्रहों को प्रसन्न
Tuesday, 19 September 2023
Line between Rahu and Ketu in Your Chart.
Tuesday, 12 September 2023
मंगल काँटा
मंगल काँटा मछली से प्राप्त होता है, अगर कोई मांगलिक हैं जिससे शादी में परेशानी हैं, मंगल की दशा और शनि की साढ़ेसाती, ढईया, दशा के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। बार बार एक्सीडेंट होता हो तो ।
कब धारण करे मंगल कांटा –
1. जिनका व्यापार ना चलता हो।
2. पैसे रुक गये हो।
3. लोगों से अनबन, मनमुटाव हो।
4. कोर्ट कचहरी से बचना हो।
5. दाम्पत्य जीवन से अनबन, मनमुटाव दूर करना हो।
6. प्रेम संबंध को मजबूत करना हो।
7. काला जादू (ब्लेक मेजिक) बुरी नजर से छुटकारा पाना हो।
8. दूसरों के लिए करके भी बुराई मिलती हो।
9. पढाई में मन लगता ना हो।
10. रातों को नींद नहीं आती हो तो।
धारण विधि –
मंगलवार के दिन विधिवत कच्ची दूध एवं गंगाजल से शुद्ध कर पंचोपचार पूजन करें उसके उपरांत मंगल कांटा को धारण करें।