Friday, 10 November 2023

धनतेरस से शुरू कर दिपावली तक अपनी राशि अनुसार करे लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने का उपाय*

*धनतेरस से शुरू कर दिपावली  तक अपनी राशि अनुसार करे लक्ष्मी जी को प्रसन्न करने का उपाय* 

*(1) मेष राशि  
गणेशजी को बूंदी के लड्डू चढ़ाएं। रंगीन कंबल या गर्म कपड़े दान करें। कुत्तों को इमरती खिलाएं। नैऋत्य कोण में सरसों का दीपक रातभर जलाएं। दीपावली की रात लाल चंदन और केसर घिसकर उससे रंगा हुआ सफेद कपड़ा अपने गल्ले अथवा तिजोरी में रखें। रंगीन कम्बल या गर्म कपड़े दान करें। कुत्तों को इमरती खिलाएं। 
 
*(2) वृषभ राशि 
हनुमानजी को गुड़-चना चढ़ाएं। बच्चों को रेवड़ियां बांटें। दक्षिण दिशा में तिल के तेल का दीपक जलाएं। दीपावली पर कमल के फूल की पूजा करें और इसे लाल कपड़े में बांधकर अपने धन स्थान यानी तिजोरी या लॉकर में रखें।बच्चों को रेवड़ियां बांटें। दक्षिण दिशा में तिल के तेल का दीपक जलाएं। 

*(3) मिथुन राशि  
पानी वाला नारियल तथा बादाम दुर्गाजी को या काली मंदिर में दक्षिणा सहित चढ़ाएं (रात्रि में)। पक्षियों को दाना चुगाएं। घर के बड़ों-बुजुर्गों को वस्त्रादि भेंट करें। घर के नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का दीपक जलाएं। दक्षिणावर्ती शंख की भी पूजा करें और इसे अपना पूजा स्थान पर रखकर प्रतिदिन इसके दर्शन करें।
 
*(4) कर्क राशि  
हनुमानजी को बेसन के लड्डू चढ़ाएं। काली उड़द दान करें। तेल लगी रोटी कु्तों को खिलाएं। पश्चिम दिशा में घी का दीपक लगाएं। दिवाली की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे तेल का पंचमुखी दीपक जलाएं।
 
*(5) सिंह राशि 
सप्तधान दान करें। उड़द का सामान बांटें। घर के नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का दीपक लगाएं। दीपावली की रात घर के मेन गेट पर गाय के घी का दीपक जलाये। 
 
*(6) कन्या राशि 
शनि मंदिर में तेल का दीपक लगाकर तेल दान करें। गरीबों को भोजन दान करें। नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का दीपक लगाएं। दीपावली कमलगट्टे की दो माला माता लक्ष्मी के मंदिर में अर्पित करें और दीपावली से शुरू प्रत्येक अमावस्या पर मीठे चावल कौओं को खिलाएं।
 
*(7) तुला राशि 
पीपल में मीठा जल चढ़ाकर तेल का दीपक लगाएं रात्रि में। घर के पश्चिम में घी का दीपक तथा नैऋत्य में तेल का दीपक लगाएं। दीपावली पर बड़ के पेड़ के पत्ते पर सिंदूर व घी से ऊं श्रीं श्रियै नम: मंत्र लिखें और इसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।
 
*(8) वृश्चिक राशि:
रंगीन कंबल दान करें। घर के ब्रह्मस्थल पर घी का दीपक रातभर जलाएं। हनुमानजी को लड्डू का नैवेद्य लगाएं।ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" मंत्र का जाप 18 बार करें।दीपावली के मौके पर पर अपने घर के बगीचे या आस-पास कहीं केले के दो पेड़ लगाएं तथा इनकी देखभाल करें। इसके फल स्वयं न खाएं, दूसरों को दान करें।

*(9) धनु राशि 
गणेशजी को लड्डू चढ़ाएं। गाय को रोटी पर घी तथा गुड़ रखकर खिलाएं। शिवजी को जल में काले तिल मिलाकर चढ़ाएं। घर के नैऋत्य कोण में तेल का दीपक लगाएं। श्रीसूक्त का पाठ अवश्य करें।पान के पत्ते पर कुमकुम से ‘श्रीं’ लिख कर अपने पूजा स्थान पर रखें तथा रोज इसकी पूजा करें। जब ये पत्ता खराब हो जाए तो पुन: दूसरा बना लें।
 
*(10) मकर राशि 
साबुत मसूर दान करें। घर के बड़ों को भेंट दें। घर की दक्षिण दिशा में तिल के तेल का दीपक लगाएं। दीपावली की रात आक की रुई का दीपक घर के ईशान कोण में जलाएं।
 
*(11) कुंभ राशि 
दुर्गाजी को नारियल चढ़ाएं। पक्षियों को दाना चुगाएं। घर के नैऋत्य कोण में सरसों के तेल का दीपक लगाएं। सुगंधित जल से रुद्राभिषेक करें।कमलगट्टे की माला से इस मंत्र का जाप करें- ऊं ह्रीं ऐं क्लीं श्रीं।
 
*(12) मीन राशि 
शनि मंदिर में दीपक, तेल तथा काली उड़द दान करें। तेल लगी रोटी कुत्तों को खिलाएं। पश्चिम दिशा में घी का दीपक लगाएं। दीपावली पर किसी लक्ष्मी मंदिर में जाकर कमल के फूल, नारियल अर्पित करें तथा सफेद मिठाई का भोग लगाएं।
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धनतेरस पर वास्तु के 10 टिप्स, जानिए किस द्वार पर दीपक में* *क्या डालें*

*धनतेरस पर वास्तु के 10 टिप्स, जानिए किस द्वार पर दीपक में* 
*क्या डालें*
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*आपका घर या मकान किस दिशा में है और उसका मुख्य द्वार किस दिशा में है यह जानकर आप क्या खरीदे और द्वार पर कौनसा दीपक जलाएं इसके लिए आप जानिए सामान्य वास्तु टिप्स जिससे आपका धनतेरस पर लाभ मिल सकता है। निम्नलिखित टिप्स मान्यता पर आधारित हैं।*
 
*1.* यदि आपके घर का मुख्‍य द्वार आग्नेय कोण में है तो आप चांदी का सामान जरूर खरीदें। क्षमता है तो हीरा भी खरीद सकते हैं और फिर द्वार पर दीपक जलाएं तो उसमें कौड़ी जरूर डालें।
 
*2.* यदि आपके घर का मुख्य द्वार दक्षिण दिशा में है तो सोने या तांबे से बना सामान खरीदें। मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं तो उसमें राईं अवश्य डालें।

*3.* यदि आपके घर का मुख्‍य द्वार नैऋत्य दिशा में है तो चांदी या तांबे से बनी वस्तु खरीदें और द्वार पर दीपक जलाएं तो उसमें लौंग जरूर डालें।

*4.* यदि आपके घर का मुख्‍य द्वार पश्चिम दिशा में है तो आप चांदी की वस्तुएं खरीदें और घर के मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं तो उनमें एक किशमिश जरूर डालें।
 
*5.* यदि आपके घर का मुख्‍य द्वार वायव्य कोण की दिशा में है तो चांदी या मोती खरीदें और दीपक में थोड़ी मिश्री जरूर डालें।
 
*6.* यदि आपके घर का मुख्‍य द्वार उत्तर दिशा में है तो सोना खरीदें, पीतल खरीदें या लक्ष्मी की तस्वीर जरूर खरीदें और अपने मुख्य द्वार पर जब दीपक जलाएं तो उनमें एक इलायची जरूर डालें।

*7.* यदि आपके घर का मुख्‍य द्वार ईशान दिशा में है तो सोना, पीतल खरीदें या लक्ष्मी की प्रतिमा जरूर खरीदें और जब भी मुख्‍य द्वार पर दीपक जलाएं तो उनमें एक चुटकी हल्दी जरूर डाल दें।
 
*8.* यदि आपके घर का मुख्‍य द्वार पूर्व दिशा में है तो आपको सोना या तांबा खरीदना चाहिए और मुख्य द्वार पर दीपक जलाएं तो उनमें थोड़ा कुमुकुम जरूर डाल दें।
 
*9.* इसके अलावा इस दिन नवीन झाडू एवं सूपड़ा खरीदकर उनका पूजन करें। यथाशक्ति तांबे, पीतल, चांदी के गृह-उपयोगी नवीन बर्तन व आभूषण क्रय करें। शुभ मुहूर्त में अपने व्यावसायिक प्रतिष्ठान में नई गादी बिछाएं अथवा पुरानी गादी को ही साफ कर पुनः स्थापित करें। पश्चात नवीन वस्त्र बिछाएं। 
 
*10.* इसके अलावा मंदिर, गौशाला, नदी के घाट, कुओं, तालाब, बगीचों में भी दीपक लगाएं। तेरस के सायंकाल किसी पात्र में तिल के तेल से युक्त दीपक प्रज्वलित करें। सायंकाल पश्चात तेरह दीपक प्रज्वलित कर तिजोरी में कुबेर का पूजन करें।

Wednesday, 8 November 2023

लगन के अनुसार भाग्य उदय

कुंडली में 12 भाव होते हैं। इन भावों के नाम 12 राशियों के नाम पर ही हैं। ये 12 राशियां हैं मेष, वृष, मिथुन, कर्क, सिंह, कन्या, तुला , वृश्चिक, धनु, मकर, कुंभ और मीन। कुंडली का प्रथम यानी पहला भाव जिस राशि का होता है उसी राशि के अनुसार कुंडली का लग्न निर्धारित होता है। लग्न के आधार पर कुंडलियां भी बारह प्रकार की होती हैं। इस आधार पर मेष लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय सामान्यत: 16, 22, 28, 32 और 36 वर्ष की आयु में, वृष लग्न की कुंडली का भाग्योदय 25, 28, 36 और 42 वर्ष की आयु में, मिथुन लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 22, 32, 35, 36, 42 वर्ष की आयु में, कर्क लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 16, 22, 24, 25, 28 या 32 वर्ष की आयु में और  सिंह लग्न की कुंडली का भाग्योदय 16, 22, 24, 26, 28 या 32 वर्ष की आयु में हो सकता है। जबकि कन्या लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 16, 22, 25, 32, 33, 34 एवं 36 आयु वर्ष में और जिनकी कुंडली तुला लग्न की है, उनका भाग्योदय 24, 25, 32, 33, 35 वर्ष की आयु में हो सकता है।

वृश्चिक लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 22, 24, 28 और 32 वर्ष की आयु में तो धनु  लग्न की कुंडली का भाग्योदय 16, 22 या 32 वर्ष की आयु में हो सकता है। इसी तरह मकर लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 25, 33, 35 या 36 वर्ष की आयु में, कुंभ लग्न की कुंडली का भाग्योदय 25, 28, 36 या 42 वर्ष की आयु में और मीन लग्न की कुंडली वालों का भाग्योदय 16, 22, 28 या 33 वर्ष की आयु में हो सकता है। 

Tuesday, 24 October 2023

कार्तिक मास में दीपदान से करें ग्रहों को प्रसन्न

कार्तिक मास में दीपदान से करें ग्रहों को प्रसन्न

सूर्य: सूर्य ग्रह को प्रसन्न करने के लिए हर रविवार तथा सप्तमी तिथि को तांबे का दीपक जलाए सरसों के तेल का प्रयोग करें। 

चंद्र: चंद्र ग्रह को प्रसन्न करने के लिए हर सोमवार चांदी का दीपक जलाएं । घी का प्रयोग करें। 

मंगल: मंगल ग्रह को मजबूत करने के लिए तांबे का दीपक जलाना चाहिए। इसके अतिरिक्त चुकंदर को दीपक के आकार में बनाकर उसमें घी, बत्ती डालकर जलाने से मंगल ग्रह शांत होता है। 

बुध: बुध ग्रह पूजन के लिए मिट्टी का दीपक जलाना चाहिए। घी का प्रयोग करें। 

गुरु: गुरु ग्रह को प्रसन्न करने के लिए पीतल का दीपक जलाना चाहिए (सोने का दीपक भी जला सकते हैं) । गाय घी का प्रयोग करें।

शुक्र: शुक्र ग्रह को प्रसन्न करने के लिए चावल के आटे का दीपक तथा नारियल के सख्त छिलके में शुद्ध घी व बत्ती डालकर दीप जलाना अत्यंत कल्याणकारी होता है। इससे शुक्र ग्रह की पूर्ण कृपा प्राप्त होती है। 

शनि: शनि ग्रह की शांति के लिए लोहे का दीपक प्रज्ज्वलित किया जाता है। तिल के तेल का प्रयोग करें।

राहु-केतु: राहु के लिए लोहे तथा केतु के लिए मिश्रित धातु का दिया जलाना चाहिए। अलसी के तेल का प्रयोग करें।

Tuesday, 19 September 2023

Line between Rahu and Ketu in Your Chart.

Draw a Line between Rahu and Ketu in Your Chart. Now observe the following:-

1) If Mars is on one side and Venus on the other side of this Nodal Axis, the natives MARRIED Life would not be smooth and harmonious. If they are on same side, then harmonious.
2) If Saturn and Jupiter are on opposite sides of this Rahu Ketu axis, then native is employed far away from his native place and has to struggle for positional status in Life.
3) If Saturn Mars conjunction on one side and Venus Jupiter conjunction on the other side, then native will suffer from great Calamity in his 49th year.
4) If this axis falls between Mercury and Jupiter, then native will often have disagreements with his own children.
5) If the axis falls between the Moon and Saturn, then disagreement with ones mother.
6) If the axis falls between the Sun and Saturn then disagreement with Father.

Other Important Points about Rahu and Ketu :-

1) Whenever Rahu in transit, touches the Natal positions of any Planet degrecally, good results would come to pass.
2) Whenever Ketu in transit, touches the Natal positions of any Planet degrecally, bad results would come to pass.
3) If Venus or the lord of the 7th house are in conjunction with, or trine to ketu in the Birth Chart, there is potential problem in the married Life. (If Spouse has Venus or Lord of 7th house in trine or in conjunction to Rahu, then this Dosha will be nullified).

The SUN-MERCURY-VENUS Arc

We all know that the Planets Mercury and Venus canot stay away from the Sun more than 28 degrees and 48 degrees respectively. So within an area (Arc) of maximum 76 degrees you will find these three planets together. Now whenever this point of the zodiac (Arc) is transited by Rahu in your Birth chart, then you will experience highly beneficial results in terms of profession and earnings, promotions in service etc. After 9 Years and 3 1/2 months when Ketu will transit through this same arc, be ready to face setbacks in professional field and earnings therefrom, and troubles in service.

Tuesday, 12 September 2023

मंगल काँटा

मंगल काँटा मछली से प्राप्त होता है, अगर कोई मांगलिक हैं जिससे शादी में परेशानी हैं, मंगल की दशा और शनि की साढ़ेसाती, ढईया, दशा के लिए विशेष रूप से उपयोगी है। बार बार एक्सीडेंट होता हो तो ।

कब धारण करे मंगल कांटा –

1. जिनका व्यापार ना चलता हो।
2. पैसे रुक गये हो।
3. लोगों से अनबन, मनमुटाव हो।
4. कोर्ट कचहरी से बचना हो।
5. दाम्पत्य जीवन से अनबन, मनमुटाव दूर करना हो।
6. प्रेम संबंध को मजबूत करना हो।
7. काला जादू (ब्लेक मेजिक) बुरी नजर से छुटकारा पाना हो।
8. दूसरों के लिए करके भी बुराई मिलती हो।
9. पढाई में मन लगता ना हो।
10. रातों को नींद नहीं आती हो तो।

धारण विधि –

मंगलवार के दिन विधिवत कच्ची दूध एवं गंगाजल से शुद्ध कर पंचोपचार पूजन करें उसके उपरांत मंगल कांटा को धारण करें।

Sunday, 9 July 2023

पति पत्नी में #कलेश दूर करने के लिए

पति पत्नी में #कलेश दूर करने के लिए

👉 श्री #गणेश जी और शक्ति की उपासना करे |
👉सोते समय  साउथ की तरफ सिरहाना होना चाहिए |

👉चींटियों को शक्कर डालना चाहिए |
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👉यदि पत्नी हमेशा अपने हाथ में पीली चूड़ी पहेंन के रखे तो दाम्पत्या जीवन सुखी रहेगा|

👉 यदि विवाहिता प्रतिदिन #दुर्गा चालीसा का पाठ करें तो उस स्त्री का परिवार खुशहाल व दाम्पत्या प्रेम अटूट ब्ना रहेगा|
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